आज भारत, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इस विकास के सफ़र में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख योजना है Stand-Up India।
यदि आप एक महिला उद्यमी हैं या अनुसूचित जाति (SC) अथवा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंध रखते हैं और अपना खुद का बिजनेस (Greenfield Enterprise) शुरू करना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहाँ हम Stand-Up India Scheme और इसके तहत मिलने वाले Stand-Up India Loan की बारीकियों को विस्तार से समझेंगे।
1. Stand-Up India Scheme क्या है? (What is Stand-Up India?)
Stand-Up India योजना की शुरुआत 5 अप्रैल 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य, उद्यमिता (Entrepreneurship) को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देना और आर्थिक सशक्तिकरण लाना है।
यह योजना उन लोगों को केन्द्रित करते हुए बनी है, जिन्हें पारंपरिक रूप से बैंकिंग सेवाओं और बिजनेस फंडिंग प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक बैंक शाखा (Bank Branch) को यह निर्देश दिया गया है कि वे कम से कम एक महिला और एक SC/ST उधारकर्ता को अपना नया व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण प्रदान करें।
2. Stand-Up India Loan की मुख्य विशेषताएं
इस योजना की सफलता के पीछे इसकी उदार शर्तें और बड़ी ऋण राशि है। यहाँ Stand-Up India Loan की कुछ प्रमुख विशेषताएं दी गई हैं:
- ऋण की राशि: इस योजना के तहत ₹10 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का लोन प्राप्त किया जा सकता है।
- उद्देश्य: यह ऋण केवल ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट’ (Greenfield Project) के लिए दिया जाता है। इसका मतलब है कि उद्यमी पहली बार विनिर्माण (Manufacturing), सेवा (Services), कृषि-संबद्ध गतिविधियों या व्यापार (Trading) क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित कर रहा हो।
- मार्जिन मनी: परियोजना लागत का 85% हिस्सा बैंक ऋण के रूप में मिल सकता है। उद्यमी को केवल 15% मार्जिन मनी का प्रबंध करना होता है (जो अन्य सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर और भी कम हो सकता है)।
- ब्याज दर: ब्याज दरें बैंक के MCLR (Marginal Cost of Funds based Lending Rate) + 3% + टेन्योर प्रीमियम से अधिक नहीं होंगी। यह बाजार की सामान्य दरों के मुकाबले काफी किफायती है।
- पुनर्भुगतान अवधि (Repayment Tenure): लोन चुकाने के लिए 7 वर्ष तक का समय मिलता है, जिसमें 18 महीने तक की मोराटोरियम अवधि (Moratorium Period) भी शामिल हो सकती है।
3. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria for Stand-Up India)
Stand-Up India Scheme का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
व्यक्तिगत पात्रता:
- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या महिला उद्यमी होना चाहिए।
- ऋण केवल नए (Greenfield) प्रोजेक्ट्स के लिए ही उपलब्ध है।
गैर-व्यक्तिगत उद्यमों के लिए:
यदि व्यवसाय पार्टनरशिप या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, तो कम से कम 51% शेयरहोल्डिंग और नियंत्रण हिस्सेदारी किसी SC/ST सदस्य या महिला उद्यमी के पास होनी चाहिए। सरल शब्दों में, कंपनी नाम की नहीं, बल्कि असल में SC/ST सदस्य या महिला द्वारा संचालित होनी चाहिए।
क्रेडिट रिकॉर्ड:
आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर (Defaulter) नहीं होना चाहिए।
4. Stand-Up India के तहत कवर होने वाले क्षेत्र
इस योजना का क्षेत्र काफी व्यापक है। आप निम्नलिखित क्षेत्रों में अपना बिजनेस शुरू करने के लिए लोन ले सकते हैं:
- विनिर्माण (Manufacturing): जैसे टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, ऑटो पार्ट्स, हस्तशिल्प आदि।
- सेवा क्षेत्र (Service Sector): जैसे आईटी सेवाएं, डायग्नोस्टिक सेंटर, लॉजिस्टिक्स, ड्राई क्लीनिंग आदि।
- व्यापार (Trading): थोक या खुदरा व्यापार (Wholesale or Retail Business)।
- कृषि-संबद्ध गतिविधियाँ: जैसे डेयरी, पोल्ट्री, मछली पालन, एग्री-क्लिनिक आदि।
5. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
Stand-Up India Loan के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।
- निवास का प्रमाण: बिजली बिल, टेलीफोन बिल या राशन कार्ड।
- बिजनेस एड्रेस प्रूफ: रेंट एग्रीमेंट या स्वामित्व के दस्तावेज।
- जाति प्रमाण पत्र: SC/ST वर्ग के आवेदकों के लिए अनिवार्य।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट: व्यवसाय का पूरा खाका, जिसमें लागत, आय का अनुमान और तकनीकी विवरण हो।
- आयकर रिटर्न (ITR): पिछले 3 वर्षों का (यदि लागू हो)।
- बैंक स्टेटमेंट: पिछले 6 महीनों का विवरण।
6. आवेदन कैसे करें? (Online and Offline Process)
आप इस योजना के लिए तीन तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:
A. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से
- आधिकारिक वेबसाइट www.standupmitra.in पर जाएं।
- ‘Register’ बटन पर क्लिक करें और अपनी श्रेणी (SC/ST/Woman) चुनें।
- अपनी प्रारंभिक जानकारी भरें। इसके बाद आपको ‘Handholding Support’ की आवश्यकता है या नहीं, यह पूछा जाएगा।
- पोर्टल आपको आपके निकटतम बैंक शाखाओं से जोड़ेगा।
B. बैंक शाखा के माध्यम से
आप सीधे किसी भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (Scheduled Commercial Bank) की शाखा में जाकर ‘स्टैंड-अप इंडिया लोन’ के लिए आवेदन कर सकते हैं।
C. लीड जिला प्रबंधक (LDM) के माध्यम से
प्रत्येक जिले में एक एलडीएम होता है जो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद करता है। आप उनसे मार्गदर्शन ले सकते हैं।
7. हैंडहोल्डिंग सपोर्ट (Handholding Support) क्या है?
Stand-Up India केवल लोन देने तक सीमित नहीं है। सरकार समझती है कि नए उद्यमियों को मार्गदर्शन की जरूरत होती है। इसलिए, ‘स्टैंड-अप मित्र’ पोर्टल के माध्यम से निम्नलिखित सहायता प्रदान की जाती है:
- प्रशिक्षण: कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण।
- वित्तीय साक्षरता: बैंकिंग और वित्त के बारे में जानकारी।
- मार्केटिंग सहायता: उत्पादों को बेचने के लिए बाजार से जुड़ना।
- मेंटोरशिप: अनुभवी व्यवसायियों से सलाह प्राप्त करना।
8. Stand-Up India Scheme के लाभ (Benefits)
- कोलेटरल फ्री लोन की सुविधा: क्रेडिट गारंटी स्कीम (CGFSI) के तहत, कई मामलों में बैंक अतिरिक्त गारंटी के बिना लोन देते हैं।
- आर्थिक आजादी: महिलाओं और पिछड़े वर्गों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
- रोजगार सृजन: एक नया उद्यम न केवल मालिक को बल्कि कई अन्य लोगों को भी रोजगार देता है।
- सरल प्रक्रिया: ऑनलाइन पोर्टल ने आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बना दिया है।
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या मैं अपने पुराने बिजनेस को बढ़ाने के लिए स्टैंड-अप इंडिया लोन ले सकता हूँ? उत्तर: नहीं, यह योजना केवल ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स’ (नए बिजनेस) के लिए है।
प्रश्न 2: क्या सामान्य वर्ग (General Category) के पुरुष इस योजना के पात्र हैं? उत्तर: नहीं, यह योजना केवल SC/ST पुरुषों और सभी वर्गों की महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित है।
प्रश्न 3: क्या लोन के लिए किसी गारंटी की जरूरत होती है? उत्तर: लोन को क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम (CGFSI) द्वारा कवर किया जाता है, लेकिन बैंक अपनी नीति के अनुसार कोलैटरल की मांग कर सकते हैं।
10. निष्कर्ष (Conclusion)
Stand-Up India योजना भारत की ‘समावेशी विकास’ (Inclusive Growth) की अवधारणा को सच करने का एक सशक्त जरिया है। ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का Stand-Up India Loan उन करोड़ों सपनों को पंख दे सकता है जो पैसों की कमी के कारण उड़ान नहीं भर पा रहे थे।
यदि आपके पास एक ठोस बिजनेस आइडिया है और आप इस योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो आज ही Stand-Up India Scheme के तहत आवेदन करें और ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।