भारत देश में यदि हमें किसी भी प्रकार का ऋण (Loan) लेना हो, तो बैंक सबसे पहले हमारा CIBIL Score ही देखता है | यदि यह स्कोर अच्छा है तो हमें ऋण आसानी से मिल जायेगा | अर्थात ऋण (Loan) पाने के लिए CIBIL अच्छा होना ही चाहिए | इस लेख में हम यही जानेगे कि किन आसान तरीको से CIBIL स्कोर बढाया जा सकता है और वे कौन से फैक्टर है जो CIBIL को प्रभावित करते है ?
CIBIL क्या है ?
CIBIL का पूरा नाम क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड (Credit Information Bureau (India) Limited) है | CIBIL स्कोर, इसी संस्था द्वारा जारी किया गया 3-अंकीय संख्यात्मक स्कोर है, जो कि 300 से 900 के बीच होता है | यह स्कोर ऋण प्राप्तकर्ता की साख (creditworthiness) को दर्शाता है | यहाँ साख का अर्थ ऋण को चूका पाने की क्षमता से है |
एक अच्छा स्कोर उधार पात्रता को बेहतर बनाता है, जिससे आवेदक को ऋण (Loan) आसानी से मिलता है | वहीं कम स्कोर से आवेदक की उधार पात्रता या साख में नुकसान होता है और ऋण मिलने में मुश्किल आती है |
| CIBIL स्कोर | परिणाम (Result) | अनुमान |
| 750-900 | बहुत अच्छा (Excellent) | ऋण (Loan) मिलने में बहुत आसानी |
| 700-750 | अच्छा (Good) | स्टैण्डर्ड रेट्स में ऋण (Loan) मिल सकता है |
| 600-700 | औसत (Average) | ऋण (Loan) मिलने में मुश्किल होगी |
| 300-600 | बहुत बुरा (Poor) | ऋण (Loan) मिलने की सम्भावना लगभग नामुमकिन |
CIBIL Score कैसे बढाये ?
यहाँ हम जानेगे की कोई आवेदक (Applicant) 8-12 माह के भीतर अपना CIBIL Score कैसे बढा सकता है |
- वर्तमान EMI एवं Bills का भुगतान समय पर करे : आवेदक को वर्तमान में चल रहे लोन की किश्ते (EMI) तथा क्रेडिट कार्ड credit card का बिल निश्चित समय पर भरना चाहिए | CIBIL स्कोर में Payment history (भुगतान इतिहास), लगभग 35% हिस्सा रखती है | समय पर भुगतान ना होने पर यह समझा जाता है की आप ऋण का भुगतान करने में सक्षम नहीं है, इससे आपका स्कोर गिर जाता है|
- Credit Utilization Ratio (CUR) को कम रखे : यदि कोई आवेदक credit card रखता है तो उसे उस क्रेडिट लिमिट का 30% से अधिक का खर्च नहीं करना चाहिए | अधिक खर्च करने पर उसे “credit hungry” समझा जाता है | जैसे कार्ड की क्रेडिट लिमिट 1 लाख रूपये हो तो आवेदक को 30 हजार से अधिक खर्च नहीं करना चाहिए |
- पुराने credit card को चालू रखे : एक अच्छे स्कोर के लिए हमें पुराना क्रेडिट कार्ड चालू (active) रखना चाहिए भले ही उस कार्ड से ज्यादा भुगतान ना हो | स्कोर, भुगतान का इतिहास देखता है, जितना इतिहास पुराना, आवेदक उतना भरोसेमंद |
- हर छोटी-मोटी चीजों के लिए ऋण (Loan) से बचे : एक से अधिक ऋण लिया जा सकता है परन्तु हर छोटी-मोटी आवश्यकताओं के लिए ऋण से बचना चाहिए | बार-बार ऋण के लिए आवेदन देने से आपको Credit Hungry भी समझा जा सकता है जिससे CIBIL स्कोर में नेगेटिव पॉइंट्स मिलते है |
- सही ऋण (Loan) का चुनाव : व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) या credit card जैसे ऋण को बार-बार लेने से स्कोर गिर जाता है | स्कोर को बदलने के लिए सिक्योर्ड लोन (Secured Loan) जैसे Home Loan, Gold Loan etc. भी लेना चाहिए |
Loan Settlement vs Loan Closure
अधिकतर लोग यही सोचते है कि Loan settlement ही Loan Closing होता है, परन्तु ऐसा नहीं है |
Loan Settlement: जब कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेकर उसे समय पर नहीं चुकाता, तब वह बैंक के पास जाकर शेष राशि नहीं चुका पाने का आवेदन करता है | बैंक भी स्थिति अनुसार कम राशि लेकर उस लोन को Settle कर खाता बंद कर देता है | परन्तु इसका मतलब यह होता कि Loan का पूरा भुगतान नहीं हुआ | इस कारण CIBIL में यह लोन “Settled” दिखता है और स्कोर गिर जाता है |
Loan Closure: जब व्यक्ति बैंक से लोन लेकर उसका निश्चित समय में पूरा भुगतान (मूल + ब्याज) करता है, तब CIBIL में लोन “Closed” दिखता है | इसका मतलब यह होता है कि ऋण प्राप्तकर्ता पर कोई भी राशि बकाया नहीं है | इसके साथ ही बैंक आपको No Dues Certificate भी जारी करता है | इससे CIBIL Score बढ़ता है |
इसलिए ऋण प्राप्तकर्ता को ऋण (Loan) का पूरा भुगतान कर अपने खाते को settled से close करवाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऋण आसानी से मिल सके |
CIBIL रिपोर्ट की कुछ गलतियां और उनके कारण
CIBIL रिपोर्ट को समय-समय पर जांचते रहना चाहिए | कभी-कभी बैंक या मानव त्रुटि से भी रिपोर्ट में अंतर आ जाता है|
- गलत स्थिति दर्शाना (Incorrect Account Status): ऋण (Loan) का पूर्ण भुगतान होने पर भी स्थिति “Open” दिखाता है | इस हेतु बैंक में जाकर loan closed करवाना चाहिए |
- व्यक्तिगत जानकारी में गड़बड़ी (Wrong Personal Detail): नाम, पता या जरूरी दस्तावेज में भी गड़बड़ी हो जाती है, जिससे रिपोर्ट में स्कोर गिर जाता है |
- Duplicate Account: कभी-कभी loan account को दो या अधिक बार दिखाता है | बैंक से मिलकर ये त्रुटि भी सही की जा सकती है |
इन प्रकार की त्रुटियां आने पर आप बैंक या CIBIL की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर “dispute” के माध्यम से समस्या का निराकरण कर सकते है |
CIBIL Score पता करें
CIBIL Score उसकी आधिकारिक वेबसाइट www.cibil.com पर जाकर आसानी से और बिल्कुल मुफ्त में पता लगाया जा सकता है | रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए हमें पूरा नाम (Full Name), ईमेल (email), मोबाइल नंबर (Mobile Number), पहचान पत्र संख्या (ID card Number) और pincode जैसी जानकारी देना होगी |

यदि आधिकारिक वेबसाइट पर पहले से ही अकाउंट बना हो तो हमें सिर्फ मोबाइल नंबर और OTP के जरिये लॉगिन करना होगा और हम आसानी से अपना स्कोर जान सकते है |

Conclusion
CIBIL Score बढ़ाने के लिए धैर्य की भी जरूरत होती है | यह एकाएक नहीं बढ़ता, समय लगता है | ऊपर बताए गए तरीकों को अपनाए तो 8 से 12 माह के भीतर हमारा स्कोर भी 750+ हो जाएगा |
एक अच्छा स्कोर, हमें ऋण (loan) तो आसानी से दिलवाता ही है साथ में कम ब्याज दर भी उपलब्ध करवा सकता है |